आज के समय में हर इंसान का हक़ हैं कि उसे अपने अधिकार के बारे में पता हो अगर आपको अपने सारे अधिकार पता होंगे तो कोई भी इंसान आपका गलत फायदा नहीं उठा सकता है। यहाँ पर पुलिस गिरफ्तारी से जुड़े कुछ अधिकार दिए गए है जो आपको पता होना ही चाहिए ताकि पुलिस आपका गलत फायदा न उठा सके व  आप अपने अधिकार के लेकर  जागरूक रहें |

पुलिस गिरफ्तारी के समय 12  कानूनी अधिकार :- 

1 . सीआरपीसी सेक्शन (CRPC Section) 50 (1) :-  इस अधिकार के तहत हर व्यक्ति  का  हक़  है यह जानने का की  कि उसकी  गिरफ़्तारी का कारण क्या है अथवा उसे गिरफ्तार क्यों किया जा रहा हैं |

2 . किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करने वाला पुलिस अधिकारी पूरी वर्दी में होना चाहिए और उसकी नेम प्लेट में उसका नाम स्पष्ट लिखा होना चाहिए ।

3 . सीआरपीसी सेक्शन (CRPC Section) 41B :- इस अधिकार के तहत हर व्यक्ति का अधिकार है  कि वो पुलिस से अरेस्ट मेमो बनवाए व अरेस्ट मेमो के बाद ही पुलिस द्वारा गिरफ़्तार हो |

4 .  सीआरपीसी सेक्शन 46 (1) (CRPC Section) 46 (1 ) :-  इस अधिकार  के तहत  किसी भी महिला को सिर्फ महिला पुलिस ही गिरफ्तार कर सकती हैं न  कि कोई  पुरुष पुलिस |

5 .  सीआरपीसी सेक्शन (CRPC Section) 46 (4) :-  इस अधिकार  के तहत महिला को सूरज छिपने के बाद और सूरज उगने से पहले गिरफ्तार नहीं किया जा सकता हैं | (अगर इस बीच किसी महिला की गिरफ्तार होती हैं तो उसके लिए  पुलिस को स्पेशल परमिशन लेनी होती हैं | )

6 . सीआरपीसी सेक्शन (CRPC Section) 50A :-  इस अधिकार  के तहत पुलिस को अरेस्ट किये गए इंसान के परिवार, रिश्तेदार या मित्रगण को गिरफ़्तारी की सूचना ज़ल्द से ज़ल्द देनी होती हैं |

7 . सीआरपीसी सेक्शन (CRPC Section) 41D :- इस अधिकार के तहत गिरफ्तार हुए व्यक्ति को अपने वकील से मिलने का पूरा पूरा अधिकार होता हैं |

8 . सीआरपीसी सेक्शन (CRPC Section) 57 :-  इस अधिकार  के तहत गिरफ्तार किए गए किसी भी व्यक्ति को 24 घंटे से अधिक हिरासत में नहीं रखा  जा सकता। अगर किसी व्यक्ति  को  24 घंटे से ज़्यादा हिरासत में रखना होता है तो सीआरपीसी सेक्शन 167  के तहत मेजिस्ट्रेट से परमिशन लेनी पड़ती  हैं ।

9 . सीआरपीसी सेक्शन (CRPC Section) 56 :- इस अधिकार  के तहत  हर गिरफ़्तार व्यक्ति को  24 घंटे के अंदर मेजिस्ट्रेट के सामने पेश करना ज़रूरी होता हैं |

10 . सीआरपीसी सेक्शन (CRPC Section) 54 :- इस अधिकार  के तहत पुलिस को गिरफ्तार किये गए व्यक्ति की विनती पर उसका मेडिकल टेस्ट कराना होता हैं । क्योंकि मेडिकल जांच कराने से फायदा यह होता है कि यदि आपके शरीर में कोई चोट नहीं है तो मेडिकल जांच में इसकी पुष्टि हो जाएगी और यदि इसके बाद पुलिस कस्टडी में रहने के दौरान आपके शरीर में कोई चोट के निशान मिलते हैं तो पुलिस के खिलाफ आपके पास पक्का सबूत होगा।

11. सीआरपीसी सेक्शन (CRPC Section) 55 (1) :- इस अधिकार के तहत गिरफ़्तार किए गए व्यक्ति की सुऱक्षा और स्वास्थ्य की  ज़िम्मेदारी पुलिस की होती हैं |

12 . अगर कोई पुलिस वाला गरीब व्यक्ति को गिरफ़्तार करता है और उसके पास पैसे नहीं होते  तो उस गरीब अपराधी को मुफ्त में कानूनी मदद दी जाती हैं  |